PMAY-G आवास प्लस 2024 सर्वे फिर से शुरू – राजस्थान सरकार का नया आदेश (23 फरवरी 2026)
राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। राजस्थान सरकार ने 23 फरवरी 2026 को नया आदेश जारी कर बताया है कि Awaas Plus 2024 सर्वे को फिर से कुछ समय के लिए खोल दिया गया है ताकि उन परिवारों को भी जोड़ा जा सके जो पहले किसी कारण से सर्वे में शामिल नहीं हो पाए थे।
📌 यह आदेश क्यों जारी किया गया?
ग्राम पंचायतों में कई ऐसे परिवार थे जो—
- तकनीकी समस्या
- मोबाइल ऐप एरर
- परिवार का बाहर काम पर जाना (पलायन)
- नेटवर्क की दिक्कत
- या सर्वे टीम के समय गाँव में न होने
की वजह से सर्वे में शामिल नहीं हो सके थे। इन्हीं परिवारों के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने फिर से Awaas Plus 2024 ऐप को सीमित समय के लिए खोल दिया है।
📅 सर्वे अपलोड की नई तिथि
| कार्य | तिथि |
|---|---|
| सर्वे अपलोड शुरू | 23 फरवरी 2026 |
| अंतिम तिथि | 01 मार्च 2026 |
⚠ ध्यान दें: 1 मार्च 2026 के बाद किसी भी प्रकार की तिथि बढ़ोतरी या छूट नहीं मिलेगी।
📝 कौन-कौन से परिवार अभी सर्वे में जोड़े जा सकते हैं?
- जिनका पहले सर्वे होना था लेकिन रह गया
- जिनकी स्थिति बदली है (कच्चा मकान – रहने लायक नहीं)
- जो पलायन से वापस आए हैं
- जिनके घर का डेटा सर्वर पर अपलोड नहीं हो पाया
- Self Survey / Assisted Survey में न शामिल किए गए लोग
🏡 PMAY-G में ‘पात्र परिवार’ किसे कहा जाता है?
Awaas Plus लिस्ट में वही परिवार शामिल किए जाते हैं जिनके पास—
- कच्चा घर हो
- टूटा हुआ / रहने लायक नहीं मकान
- घर बिल्कुल न हो
- आर्थिक रूप से कमजोर हों
- SECC 2011 में नाम सही हो
📲 सर्वे कैसे किया जाएगा? (सरल भाषा में)
ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी Awaas Plus 2024 Mobile App का उपयोग करेंगे।
✔ सर्वे की मुख्य 7 स्टेप्स:
- ग्राम पंचायत के वंचित परिवारों की लिस्ट तैयार की जाएगी
- परिवार के घर का फिजिकल निरीक्षण
- घर की स्थिति की फोटो
- GPS लोकेशन
- परिवार की पूरी जानकारी भरना
- ऐप के माध्यम से अपलोड करना
- अंत में पंचायत स्तर पर सत्यापन
📌 सरकार का स्पष्ट आदेश – कोई देरी नहीं!
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने साफ कहा है कि—
यानि पंचायतों को बिना देरी सभी पात्र परिवारों का सर्वे पूरा करना होगा।
🌍 इस सर्वे का फायदा क्या होगा?
- ज़्यादा परिवार PMAY-G की सूची में जुड़ पाएंगे
- भविष्य में पक्के मकान के लिए पात्रता मिलेगी
- ग़रीब परिवारों को छूट जाने से बचाया जा सकेगा
- ग्रामीण क्षेत्रों में विकास तेजी से होगा
📎 महत्वपूर्ण लिंक (External Sources)
📌 निष्कर्ष (Conclusion)
इस आदेश के बाद राजस्थान के हजारों परिवारों के लिए बड़ी उम्मीद पैदा हुई है। जिनका नाम पहले छूट गया था, वे अब सर्वे में शामिल हो सकेंगे। पंचायतों को तय समय में पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

